RBSE 10th Board New Exam Pattern: अब साल में दो बार होंगी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, जानिए नए नियम और अंक सुधार प्रक्रिया - DAILY EXAM UPDATES

Monday, 5 October 2026

RBSE 10th Board New Exam Pattern: अब साल में दो बार होंगी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, जानिए नए नियम और अंक सुधार प्रक्रिया

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (RBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की मंशा के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 10वीं और प्रवेशिका परीक्षा के पैटर्न में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में तनावमुक्त वातावरण देने और प्रदर्शन सुधारने के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी।
  
​महत्वपूर्ण बदलाव और मुख्य बिंदु:
​दो चरणों में बोर्ड परीक्षा:
​प्रथम चरण (मुख्य परीक्षा): माह फरवरी–मार्च में आयोजित की जाएगी।  
​द्वितीय चरण (सुधारात्मक परीक्षा / Improvement Exam): माह मई में आयोजित की जाएगी।  
अधिकतम 3 विषयों में अंक सुधार का अवसर:
​मुख्य परीक्षा में पास होने वाले विद्यार्थी अपने अंकों को बेहतर करने के लिए अधिकतम 3 विषयों में सुधारात्मक परीक्षा दे सकेंगे।  

​उच्चतर अंक (Best Marks) होंगे मान्य:
​मुख्य और द्वितीय दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में विषयवार अंक अधिक (बेहतर) होंगे, उन्हें ही अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।  
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मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा 'Fail' या 'Supplementary':
​बोर्ड ने पूरक (Supplementary) परीक्षा की पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी है।  
​अब मार्कशीट पर "पूरक" या "अनुत्तीर्ण" (Fail) शब्द अंकित नहीं होगा। इसके स्थान पर न्यूनतम उत्तीर्ण अंक न लाने वाले विषयों के लिए Essential Improvement (EI) तथा तीन से अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण रहने पर Essential Repeat (ER) अंकित किया जाएगा।  

​क्लास 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन:
​मुख्य परीक्षा का परिणाम Raj-e-Vault पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थी कक्षा 11वीं में अस्थायी (Provisional) प्रवेश ले सकेंगे। सुधारात्मक परीक्षा परिणाम के बाद प्रवेश स्थायी कर दिया जाएगा।  

​सत्रांक (Sessional Marks) और आंतरिक मूल्यांकन:
​आंतरिक मूल्यांकन और शाला द्वारा सत्रांक मुख्य परीक्षा के समय केवल एक बार ही लिए जाएंगे। स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए यह दोनों परीक्षाओं के उच्चतर अंकों के अनुपात में तय होंगे।  
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विद्यार्थियों के लिए क्या हैं इसके फायदे?
​कम होगा मानसिक तनाव: एक बार परीक्षा खराब होने पर पूरा साल बर्बाद होने का डर खत्म होगा।

​अंक सुधार का तुरंत मौका: विद्यार्थी 1-2 महीने के भीतर ही कम अंक वाले विषयों में तैयारी कर बेहतर स्कोर बना सकेंगे।

​भविष्य की पढ़ाई में रुकावट नहीं: 11वीं कक्षा में समय पर दाखिला लेकर पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखी जा सकेगी।

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